Friday, 18 January 2019

                          

   जीवन एक संघर्ष है मौला,किसी के एहसानो का मोहताज नहीं...

 

बहुत देखा है रोना धोंना.. तुझे मुझसे से प्यार नहीं..

जीवन एक संघर्ष है मौला किसी के एहसानो का मोहताज नहीं...

 

जिन्दा हमेशा डूबा करते है.. मृत  शरीर हमेशा तेरा करते है...

अगर तू चाहता है में मर कर  तैरु... तो यह मुझे कदापि स्वीकार नहीं ..

जीवन एक संघर्ष है मौला, किसी के एहसानो का मोहताज नहीं...

 

तुजे अपनी लेखनी का ध्यान है.. तो मुझे अपने कर्म पर अभिमान है...

 तेरे लेखे जोके से डर गया.. तो जीते जी समज मर गया..

छाँव नहीं है यंहा .,तो धुप से भी कोई ऐतराज़ नहीं..

जीवन एक संघर्ष है मौला, किसी अहसानो का मोहताज नहीं..

 

तेरे भरोसे बैठा रहा तो.  इस जीवन का तिरष्कार हो जाएगा..

नाकारा करार दिया जाऊँगा ..हर जगह बहिष्कार हो जाएगा..

ऐसी ज़िल्लत  भरी ज़िंदगी..से मुझे तो कोई प्यार नहीं..

जीवन एक संघर्ष है मौला,किसी एहसानो का मोहतज़ज़ नहीं..

 

हज़ारो स्वप्न देखे है.. पर तब सोया हुआ था..

आसमानों में बने मानचित्रो में खोया हुआ था..

 पर अब वो स्वप्न नहीं जो नींद ना उड़ा दे... जिसमे कोई धार नहीं..

जीवन एक संघर्ष है मौला .. किसी के एहसानो का मोहताज नहीं..


अगर नृत्य को अपना लू.. फिर मेहफिल क्या चीज़ है..

कष्ट को ही दिलभर बना दू .. तो फिर निराशा क्या चीज़ है...

मेरा मन तो ऐसे उत्सवों से ही भरा पड़ा है.. जिसकी कोई हार नहीं..

जीवन एक संघर्ष है मौला.. किसी के  एहसानो का मोहताज नहीं.




अब तू अकेला किस किस की सोचे..

 सोच उनकी .जो अपनी ना सोचे..

 आँखे मूंदे जो तेरे भरोसे है बेठे..

 तेरे आसरे  तुझी से सब संजोए हुएमेरे पर  किसी का उपकार नहीं..

 जीवन एक संघर्ष है मौला.. किसी के एहसानो जा मोहताज़ नहीं..















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